Iran Israel War: नागौर जिले के खींवताना गांव के निवासी दलीप सिंह की मौत ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में एक क्रूड ऑयल टैंकर पर मिसाइल हमले में हो गई. घटना की पूरी तस्वीर अब साफ हो रही है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि जहाज खसब पोर्ट से करीब 5 नॉटिकल माइल उत्तर में था, जब हमला हुआ। हमला प्रोजेक्टाइल से या ड्रोन बोट (unmanned surface vessel) से हुआ। जहाज में आग लगी, इंजन रूम में विस्फोट हुआ। कुल 20 क्रू मेंबर्स थे – 15 भारतीय, 5 ईरानी। चार लोग घायल हुए, चोटें गंभीर बताई गईं। लेकिन अच्छी बात यह कि बाकी सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। दलीप सिंह इंजन रूम या फॉरवर्ड सेक्शन में थे, जहां सबसे ज्यादा असर हुआ। एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत की पुष्टि हुई है, और रिपोर्ट्स में दलीप का नाम जुड़ रहा है। कंपनी ने परिजनों को मौत की सूचना दे दी है.
यह हमला ईरान-इजराइल (और अब अमेरिका भी शामिल) के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा लगता है। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर बड़े हमले किए। जवाब में ईरान ने शिपिंग रूट्स पर हमले तेज कर दिए। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्ता है – यहां से 20 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल गुजरता है। हमले के बाद कई टैंकर रुक गए, कुछ जल गए, सैकड़ों जहाज अटक गए। इंश्योरेंस कंपनियां कवरेज कैंसल कर रही हैं, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। लेकिन सबसे बड़ा नुकसान इंसानों का हो रहा है। दलीप जैसे हजारों भारतीय नाविक विदेशों में जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। वे सिर्फ परिवार का भरण-पोषण करते हैं, राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं।
दलीप सिंह नागौर के एक साधारण परिवार से थे और वर्षों से क्रूड ऑयल कंपनी के जहाजों पर कार्यरत थे.
बिहार के कैप्टन आशीष कुमार की भी मौत
इस हमले में बिहार के कैप्टन आशीष कुमार की भी मौत की खबर है. वे जहाज के कप्तान थे और घटना में गंभीर रूप से प्रभावित हुए. रिपोर्ट्स के अनुसार, वे भी लापता थे और अब उनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है. यह घटना ईरान द्वारा अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में शिपिंग पर बढ़ते हमलों का हिस्सा मानी जा रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के निकट ऐसे हमले बढ़ गए हैं, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
दुखद बात यह है कि एमवी स्काईलाइट अकेली ऐसी घटना नहीं थी। 2 मार्च 2026 को एक और टैंकर 'एमकेडी व्योम' (MKD Vyom) पर मस्कट से 52 नॉटिकल माइल दूर हमला हुआ । इस हमले में एक और भारतीय नाविक, अमृत लाल सोलंकी की जान चली गई 。 इस हमले में भी एक विस्फोटकों से लदी 'ड्रोन बोट' का इस्तेमाल किया गया था, जिसने जहाज के इंजन रूम (Engine room) में आग लगा दी।
क्रू मेंबर्स की सुरक्षित वापसी की कोशिश जारी
ओमान के मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Muscat) इस समय एक अत्यंत कठिन स्थिति से जूझ रहा है। दूतावास के अधिकारी लगातार ओमान की नौसेना और मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर के संपर्क में हैं । दलीप सिंह के मामले में सबसे बड़ी चुनौती उनके शव की बरामदगी है। समुद्र के उस अशांत क्षेत्र में, जहाँ युद्ध के बादल मंडरा रहे हों, 'सर्च एंड रेस्क्यू' (Search and Rescue) ऑपरेशन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं है। दूतावास ने सोशल मीडिया (X - पूर्व में ट्विटर) के जरिए जानकारी दी है कि वे अन्य बचे हुए 15 भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षित घर वापसी (Repatriation) के लिए भी समन्वय कर रहे हैं । दलीप के गाँव खींवताना के लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार न केवल शव वापस लाए, बल्कि परिवार को उचित सहायता भी प्रदान करे।








