Prayagraj Metro Project : पूर्व में बने यूपी के लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे महानगरों की तर्ज पर अब प्रयागराज संगमनगरी को भी मेट्रो ट्रेन की रफ्तार से जोड़ा जायेगा. प्रयागराज शहर में कुल दो रूट बनेगे जिसमें कुल 44 किलोमीटर का नेटवर्क तैयार होगा 21 और 23 किलोमीटर के दोनो रूट में 39 स्टेशन बनेंगे.
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट का प्लान
उत्तरप्रदेश में 44 किलोमीटर की मेट्रो प्रोजेक्ट कि इस महत्वाकांक्षी मेट्रो नेटवर्क योजना में दो बड़े डिपो विकसित किए जाने सहित कुल कुल 39 स्टेशनों का निर्माण करने का खाका तैयार किया गया.
दो कोरिडोर वाले प्रयागराज में मेट्रो परियोजना का प्लान
प्रथम कोरिडोर : प्रयागराज मेट्रो स्टेशन के प्रथम जिसकी लम्बाई लगभग 23 किलोमीटर रहेगी जो बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक होगा. जो रूट शमीम मार्केट, सूबेदारगंज, प्रयागराज जंक्शन, सिविल लाइंस, मेडिकल कॉलेज चौराहा, संगम और झूंसी जैसे महत्वपूर्ण इलाके कवर किए जाएंगे. इस कॉरिडोर में करीब 20 स्टेशन बनाए जाने की योजना है.
द्वितीय कोरिडोर : द्वितीय कॉरिडोर कि कुल लम्बाई 21 किलोमीटर प्रस्तावित है ये मार्ग में गंगानगर, फाफामऊ, प्रीतमनगर, एमएनएनआईटी, यूनिवर्सिटी रोड, कर्नलगंज और नैनी जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे.
प्रयागराज शहर के बीचों बीच स्थित परेड ग्राउण्ड में बनाया जाएगा दोनों कॉरिडोर को जोड़ने वाला केंद्रीय इंटरचेंज स्टेशन जो यात्रियों को आसानी से रूट बदलने की सुविधा मुहैया करवाने के साथ साथ कनेक्टिविटी का भी सुगम बनाएगा
प्रयागराज में बने मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत कुल दो कोरिडोर बनने जा रहे जिन पर अलग अलग ट्रेने चलेगी, दोनों कॉरिडोर पर अभी तक तय प्लान अनुसार दोनों कॉरिडोर पर कुल 24 मेट्रो ट्रेनें संचालित होने की प्लानिंग कि गई. एक से दो मिनट ठहराव के साथ इन ट्रेनों को हर घंटे के अंतराल में। चलाने का प्लान है
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट कि अनुमानित लागत
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट कि लागत 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है, जिसमें अलग अलग निर्माण व भूमि अधिग्रहण की लागत सामिल है ट्रैक निर्माण, स्टेशन ढांचा और भूमि अधिग्रहण जैसे कार्य शामिल हैं. इस परियोजना के दो कॉरिडोर जो शहर के पुराने और नए हिस्सों को आपस में जोड़ेंगे. जो लागत पर असर डालेगी.
मेट्रो के रखरखाव व मरम्मत कार्य
सुलभ संचालन व्यवस्था के लिएमेट्रो की मरम्मत हेतु झूंसी के कनिहार लेक सिटी और मीरजापुर रोड पर दो डिपो बनेंगे. 14 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहण किया जायेगा इन कार्यों को सुगम संचालन हेतु. पूर्व में इन कार्यों को संचालित करने के लिए सेना की जमीन पर डिपो बनाने की योजना छिवकी में तय हुई थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते अब इसे मीरजापुर रोड पर स्थित बंद पड़े औद्योगिक परिसर वाली जमीन पर विकसित किया जाना तय हुआ है. यहाँ जमीन का निरीक्षण और प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हित किया जा चुका है.
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट से यात्रियों को ट्राफिक में राहत
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट आने वाले समय में न केवल शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करेगा बल्कि शहर औद्योगिक, शैक्षणिक आवागमन को भी सुगम बनाएगा जो प्रयागराज शहर के आने वाले समय के लिए एक आधुनिक और व्यवस्थित परिवहन नेटवर्क वाले शहरों में सुमार होगा
जम्भसार मीडिया नेटवर्क




