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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान – एक ऐतिहासिक पल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान – एक ऐतिहासिक पल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान – एक ऐतिहासिक पल

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान: ब्रासीलिया की ठंडी सुबह में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अल्वोराडा पैलेस पहुंचे, तो वहां की फिज़ा में एक अलग ही गर्मजोशी थी। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने खुद आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। 114 घोड़ों की सलामी, गार्ड ऑफ ऑनर और दोनों देशों के राष्ट्रगान – सबकुछ मानो भारत-ब्राजील के रिश्तों की नई ऊंचाइयों का संकेत दे रहा था।

लेकिन असल ऐतिहासिक पल तब आया, जब ब्राजील सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ (Grand Collar of the National Order of the Southern Cross) से सम्मानित किया। यह सम्मान ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, जो अब तक दुनिया के चुनिंदा नेताओं को ही मिला है। इस सम्मान के साथ, मोदी न सिर्फ भारत के, बल्कि वैश्विक मंच पर भी एक मजबूत और संवेदनशील नेता के रूप में उभरे हैं।

पीएम मोदीजी ब्राज़ील राष्ट्रपति लूला को धन्यवाद देते हुए लिखते है:- नेशनल ऑर्डर ऑफ़ द सदर्न क्रॉस का ग्रैंड कॉलर प्राप्त करके मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। राष्ट्रपति लूला, सरकार और ब्राज़ील की जनता के प्रति कृतज्ञता। यह ब्राज़ील की जनता के भारतवासियों के प्रति गहरे स्नेह को दर्शाता है। हमारी मित्रता आने वाले समय में सफलता की ऊँचाइयों को छुए, ऐसी कामना करता हूँ।

ब्राजील की धरती पर भारतीय रंग

एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत अफ्रो-ब्राजीलियाई धुनों (African-Brazilian tunes) के साथ हुआ, जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। होटल में भारतीय प्रवासी समुदाय ने पारंपरिक ब्राजीलियाई सांबा रेगे (Samba Reggae) और भारतीय शिव तांडव स्तोत्र के साथ शास्त्रीय नृत्य की अनूठी प्रस्तुति दी। यह नजारा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि दोनों देशों के दिलों के मिलन जैसा था।

भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते पर चर्चा

राजकीय सम्मान के साथ-साथ, यह दौरा कूटनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के दौरान ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को ब्रिक्स की प्रभावी अध्यक्षता के लिए बधाई दी। इसके अलावा, उन्होंने उरुग्वे के राष्ट्रपति यमांडु ओर्सी से मुलाकात कर भारत-मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौते (Preferential Trade Agreement – PTA) के विस्तार पर चर्चा की। इस समझौते का मकसद भारत और दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच व्यापार को नई दिशा देना है।

मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, चिली के राष्ट्रपति गैब्रिएल बोरिक फोंट और न्यू डवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ से भी मुलाकात की। इन चर्चाओं में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक विकास और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

संस्कृति के संगम – खास उपहारों के जरिए

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस दौरे को सिर्फ राजनीतिक या आर्थिक सीमाओं तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली को राजस्थान की प्रसिद्ध धातुकर्म और रत्न कला (metal art and gemstone craft) का प्रतीक – चांदी का शेर (silver lion) भेंट किया। उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल को बिहार की मधुबनी पेंटिंग (Madhubani painting) दी, जो भारतीय लोककला की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर को सरयू नदी का पवित्र जल और अयोध्या राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति (silver replica) उपहारस्वरूप दी गई। इन उपहारों के जरिए मोदी ने भारतीय संस्कृति की विविधता और आध्यात्मिकता का संदेश दिया।

ब्राजील का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए है। यह भारत-ब्राजील मित्रता का उत्सव है।” उनके शब्दों में गर्व, विनम्रता और जिम्मेदारी – तीनों की झलक साफ थी।

इस दौरे ने न सिर्फ भारत-ब्राजील संबंधों को मजबूती दी, बल्कि यह भी दिखाया कि जब दो संस्कृतियां, दो लोकतंत्र और दो विकासशील देश एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो पूरी दुनिया को एक नई दिशा मिलती है।

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