पिछले कुछ सालों में देश-विदेश में अचानक हार्ट अटैक (sudden cardiac arrest) के मामले तेजी से बढ़े हैं। खास तौर पर युवा और मिड-एज लोगों में अचानक हृदयाघात की खबरें सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक छाई रहीं। कोविड-19 महामारी के बाद जब से वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू हुई, तब से इस सवाल ने जोर पकड़ा – क्या अचानक हो रहे हार्ट अटैक का कोई कनेक्शन कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) से है? क्या टीका लगवाने के बाद दिल पर कोई असर पड़ता है? इन तमाम सवालों के जवाब के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों AIIMS और ICMR ने मिलकर एक स्टडी की, जिसकी रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है।
AIIMS-ICMR की स्टडी: क्या है खास?
AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) और ICMR (Indian Council of Medical Research) ने देशभर में कोविड वैक्सीन के बाद हार्ट अटैक के मामलों पर गहराई से रिसर्च की। इस स्टडी का मकसद था – यह पता लगाना कि क्या कोविड वैक्सीन और अचानक हार्ट अटैक के मामलों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं।
स्टडी का तरीका और डेटा
- रिसर्चर्स ने 2021-2024 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों में भर्ती हुए हार्ट अटैक मरीजों के डेटा को एनालाइज किया।
- इसमें युवाओं (18-45 वर्ष) और मिड-एज (45-60 वर्ष) के मरीजों पर खास फोकस किया गया।
- मरीजों से उनकी मेडिकल हिस्ट्री, कोविड वैक्सीनेशन स्टेटस, वैक्सीन की डोज, कोविड इंफेक्शन का इतिहास, लाइफस्टाइल फैक्टर्स (smoking, alcohol, obesity, stress) और फैमिली हिस्ट्री से जुड़ी जानकारियां जुटाई गईं।
- स्टडी में कोविशील्ड, कोवैक्सिन, स्पुतनिक-वी जैसी वैक्सीन्स शामिल रहीं।
क्या मिला स्टडी में?
AIIMS-ICMR की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड वैक्सीन और अचानक हार्ट अटैक के मामलों के बीच कोई सीधा वैज्ञानिक संबंध नहीं मिला।
- जिन लोगों को हार्ट अटैक आया, उनमें से अधिकांश में पहले से कोई न कोई रिस्क फैक्टर मौजूद था—जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, स्मोकिंग या फैमिली हिस्ट्री।
- कुछ मामलों में कोविड संक्रमण के बाद हार्ट की मसल्स (myocardium) में सूजन (myocarditis) या ब्लड क्लॉटिंग देखी गई, लेकिन यह संख्या बेहद कम थी और उनमें भी वैक्सीन का सीधा रोल साबित नहीं हुआ।
- स्टडी में यह भी पाया गया कि जिन लोगों ने वैक्सीन ली थी, उनमें हार्ट अटैक का रिस्क उन लोगों से कम था, जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली थी।
क्या कहती है रिपोर्ट?
“कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक का सीधा संबंध नहीं है। अचानक कार्डियक अरेस्ट के पीछे मुख्य वजहें लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स, और अनियंत्रित बीमारियां हैं। वैक्सीनेशन से हार्ट अटैक का जोखिम नहीं बढ़ता, बल्कि कोविड संक्रमण से बचाव के कारण यह रिस्क कम हो सकता है।”
— AIIMS-ICMR स्टडी रिपोर्ट
हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे असली वजहें
AIIMS और ICMR के एक्सपर्ट्स ने बताया कि कोविड महामारी के बाद लोगों की लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव आया—वर्क फ्रॉम होम, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, बढ़ता तनाव, जंक फूड, स्मोकिंग-ड्रिंकिंग की आदतें, और हेल्थ चेकअप में लापरवाही।
- Obesity और Sedentary Lifestyle:
लॉकडाउन के दौरान लोगों का वजन बढ़ा, फिजिकल एक्टिविटी कम हुई। - Mental Stress:
महामारी, आर्थिक अनिश्चितता और सोशल आइसोलेशन से मानसिक तनाव बढ़ा, जो हार्ट हेल्थ के लिए खतरनाक है। - Uncontrolled Diseases:
डायबिटीज, हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल जैसे रोगों का समय पर इलाज न होना। - Delayed Treatment:
कोविड के डर से लोग अस्पताल जाने से बचते रहे, जिससे हार्ट के मरीजों का इलाज देर से हुआ।
वैक्सीन से जुड़े मिथक और अफवाहें
कोविड वैक्सीनेशन के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलीं—“वैक्सीन से हार्ट अटैक हो रहा है”, “युवाओं में अचानक मौतें बढ़ गई हैं”, “ब्लड क्लॉटिंग का खतरा है” आदि।
AIIMS-ICMR की स्टडी ने इन मिथकों को खारिज किया है।
- ब्लड क्लॉटिंग के केस:
कुछ वैक्सीन्स (जैसे AstraZeneca/कोविशील्ड) से ब्लड क्लॉटिंग के बहुत ही रेयर मामले सामने आए, लेकिन भारत में यह संख्या नगण्य रही। - Myocarditis के केस:
mRNA वैक्सीन्स (जैसे Pfizer, Moderna) से myocarditis के केस विदेशों में मिले, लेकिन भारत में इस्तेमाल हुई वैक्सीन्स से ऐसा कोई ट्रेंड नहीं दिखा।
विशेषज्ञों की राय: वैक्सीन है सेफ
AIIMS के कार्डियोलॉजिस्ट्स और ICMR के वैज्ञानिकों ने साफ कहा है—कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।
- “अगर किसी को हार्ट अटैक आता है, तो उसकी वजह वैक्सीन नहीं, बल्कि उसकी लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स या पहले से मौजूद बीमारियां होती हैं।”
- “वैक्सीन लेने से कोविड के गंभीर संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने और मौत का खतरा काफी कम हो जाता है।”
क्या करें और क्या न करें? (Do’s & Don’ts)
- वैक्सीनेशन जरूर कराएं:
अगर आपने अभी तक कोविड वैक्सीन नहीं ली है, तो बिना डर के लगवाएं। - हार्ट हेल्थ का रखें ध्यान:
रेगुलर एक्सरसाइज करें, हेल्दी डाइट लें, स्मोकिंग-ड्रिंकिंग अवॉइड करें। - रूटीन चेकअप:
ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं। - अगर कोई लक्षण दिखे:
सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना या पसीना आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। - सोशल मीडिया अफवाहों से बचें:
किसी भी खबर या वीडियो पर आंख बंदकर यकीन न करें, हमेशा एक्सपर्ट्स की राय लें।
सरकार और हेल्थ एजेंसियों की सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय, WHO, AIIMS, ICMR समेत सभी प्रमुख संस्थाओं ने बार-बार कहा है—कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक का कोई सीधा खतरा नहीं है।
- वैक्सीनेशन से न सिर्फ कोविड से सुरक्षा मिलती है, बल्कि गंभीर बीमारी और मौत का रिस्क भी कम होता है।
- अगर किसी को वैक्सीन के बाद हल्का बुखार, शरीर में दर्द, या कमजोरी लगे तो घबराएं नहीं—ये सामान्य रिएक्शन हैं।
जनता में जागरूकता जरूरी
AIIMS-ICMR की स्टडी के बाद अब यह साफ है कि अचानक हार्ट अटैक और कोविड वैक्सीन के बीच कोई सीधा लिंक नहीं है। जरूरी है कि लोग सोशल मीडिया अफवाहों से बचें और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह मानें।
- हेल्थ एजुकेशन:
स्कूल, कॉलेज, ऑफिस और सोसायटीज में हार्ट हेल्थ और वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। - फैमिली हिस्ट्री को नजरअंदाज न करें:
अगर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, तो अलर्ट रहें।
AIIMS-ICMR की स्टडी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोविड वैक्सीन से अचानक हार्ट अटैक का कोई सीधा संबंध नहीं है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के पीछे लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स, और अनियंत्रित बीमारियां मुख्य वजह हैं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे कोविड से सुरक्षा मिलती है।
अगर आप या आपके परिवार में किसी को हार्ट हेल्थ को लेकर चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लें, लेकिन वैक्सीनेशन से न डरें।
आइए, अफवाहों से बचें और विज्ञान की बात मानें—तभी हम स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं।








