ब्रेकिंग
ईरान-इजरायल युद्ध मे नागौर का लाल शहीदप्रयागराज में जल्द मेट्रो: तेज और आरामदायक सफर 39 स्टेशन सहित 44 किमी नेटवर्कखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!झालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरबिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार India New Zealand Match भारत ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप मुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाईईरान-इजरायल युद्ध मे नागौर का लाल शहीदप्रयागराज में जल्द मेट्रो: तेज और आरामदायक सफर 39 स्टेशन सहित 44 किमी नेटवर्कखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!झालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरबिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार India New Zealand Match भारत ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप मुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाई

UPSC Success Story: यूपी की इस लड़की ने यूपीएससी टॉप, फिर IAS की जॉब छोड़ क्यों चुनी ये पोस्ट

UPSC Success Story: यूपी की इस लड़की ने यूपीएससी टॉप, फिर IAS की जॉब छोड़ क्यों चुनी ये पोस्ट
UPSC Success Story: यूपी की इस लड़की ने यूपीएससी टॉप, फिर IAS की जॉब छोड़ क्यों चुनी ये पोस्ट

Jambh Sar Media Desk, New Delhi: UPSC Exam को पास करना लगभग हर IAS Aspirants का जरुर से सपना होता है. लेकिन अगर कोई UPSC जैसे टफ एक्जाम को क्रेक भी कर ले बाद में जॉब छोड़ दे तो उसके पीछे कोई न कोई वजह जरुर से होती है. आज हम आपको एक ऐसी ही लड़की की कहानी बताने वाले है जिसने UPSC क्रेक करने के बाद भी आईएएस की जॉब छोड़ दी.

ये अफसर हैं अपाला मिश्रा. अपाला ने यूपीएससी सिविल सेवा 2020 की परीक्षा में 9वीं रैंक हासिल की थी. यही नहीं, वह उस साल इंटरव्यू में सबसे अधिक अंक पाने वाली कैंडिडेट थीं. उनके इंटरव्यू में 275 में से 215 अंक आए थे.

अपाला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली हैं. उनके पिता आर्मी में कर्नल रहे हैं, वहं उनकी मां दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी की प्रोफेसर हैं.

यूपीएससी निकालने से पहले अपाला खुद डॉक्टर भी थीं. उन्होंने आर्मी कॉलेज से बीडीएस की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी निकाने का फैसला किया.

उन्हें शुरूआती 2 प्रयासों में सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी और तीसरे प्रयास में शानदार रैंक के साथ परीक्षा क्लियर की. लेकिन उन्होंने आईएएस की बजाए इंडियन फॉरेन सर्विसेज यानी आईएफएस को चुना.

इसके पीछे की वजह बताते हुए अपाला मीडिया इंटरव्यूज में कहती हैं कि, यूपीएससी निकालने के बाद आपको अगले 30 वर्ष वही काम करना होता है, ऐसे में जरूरी है कि आप अपने पसंद का ही काम करें. उस काम के लिए आपके अंदर जूनून होना चाहिए. 

अपाला कहती हैं कि उनकी हमेशा से अंतर्राष्ट्रीय संबंधो में दिलचस्पी रही है, ये विषय पढ़ने पर उन्हें मजा भी बहुत आता था, ऐसे में उन्हें लगा कि वह अपनी इस रूचि का इस्तेमाल देश सेवा में भी कर सकती हैं, इसलिए उन्होंने आईएफएस पोस्ट चुनी.

वह कहती हैं कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, शुरूआत में उन्हें काफी दुविधा थी, लेकिन सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान जब उन्होंने इस सर्विस के बारे में और जाना तो उनकी दिलचस्पी इसमें बढ़ गई. 

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया