ब्रेकिंग
ईरान-इजरायल युद्ध मे नागौर का लाल शहीदप्रयागराज में जल्द मेट्रो: तेज और आरामदायक सफर 39 स्टेशन सहित 44 किमी नेटवर्कखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!झालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरबिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार India New Zealand Match भारत ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप मुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाईईरान-इजरायल युद्ध मे नागौर का लाल शहीदप्रयागराज में जल्द मेट्रो: तेज और आरामदायक सफर 39 स्टेशन सहित 44 किमी नेटवर्कखुशखबरी: 1 अप्रैल से फिर पटरी पर दौड़ेगी भगत की कोठी–जम्मू तवी एक्सप्रेस, टिकट बुकिंग शुरूडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!झालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएSBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरबिश्नोई इंजीनियर्स का दूसरा सेमिनार India New Zealand Match भारत ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीता टी20 वर्ल्ड कप मुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाई

ट्रम्प पर सीधा वार: एलॉन मस्क ने बनाई ‘द अमेरिका पार्टी’, अमेरिकी राजनीति में नया मोड़

ट्रम्प पर सीधा वार: एलॉन मस्क ने बनाई ‘द अमेरिका पार्टी’, अमेरिकी राजनीति में नया मोड़
ट्रम्प पर सीधा वार: एलॉन मस्क ने बनाई ‘द अमेरिका पार्टी’, अमेरिकी राजनीति में नया मोड़

ट्रम्प पर सीधा वार: राजनीति में एक नया तूफान उठ खड़ा हुआ है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेक्नोलॉजी वर्ल्ड के बिग बॉस इलॉन मस्क ने एक नई राजनीतिक पार्टी – ‘द अमेरिका पार्टी’ (The America Party) – के गठन का ऐलान कर दिया है। मस्क का यह कदम सिर्फ एक पार्टी बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ खुली सियासी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।

दो पार्टी सिस्टमसे आज़ादी की बात

मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “जब बात बर्बादी और भ्रष्टाचार से हमारे देश को दिवालिया बनाने की आती है, तो हम वन पार्टी सिस्टम (एकदलीय व्यवस्था) में रहते हैं, लोकतंत्र में नहीं।” उन्होंने दो पार्टी सिस्टम (डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन) को ‘दो मुंहे सांप’ (double-headed snake) की तरह बताया, जिससे 80% अमेरिकी लोग अब ऊब चुके हैं।
यह बयान केवल गुस्से की झलक नहीं, बल्कि अमेरिकी समाज की उस बेचैनी को भी उजागर करता है, जो दशकों से दो ही पार्टियों के बीच झूलती आ रही है।

मस्क खुद चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन

यहां एक दिलचस्प बात है – अमेरिकी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति या सीनेटर बनने के लिए व्यक्ति का अमेरिका में जन्मा होना जरूरी है। मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ, इसलिए वे खुद चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन, ‘किंगमेकर’ (Kingmaker) बनने की उनकी रणनीति साफ है – वे अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेंगे और कोशिश करेंगे कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) की 8-10 और सीनेट की 3-4 सीटें जीतकर सत्ता के समीकरण बदल दें।

मिडटर्म चुनावों में बड़ा खेल

2026 के मिडटर्म इलेक्शन (मध्यावधि चुनाव) में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 100 में से 34 सीटों पर चुनाव होंगे। मस्क की योजना है कि उनकी पार्टी कुछ सीटें जीतकर ट्रम्प के बिलों पर रोक लगा सके और अमेरिकी राजनीति में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सके।
यह कोई छोटी बात नहीं है – अमेरिकी राजनीति में तीसरी पार्टी का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन 1912 में प्रोग्रेसिव पार्टी के थिओडोर रूजवेल्ट को 27.4% वोट मिले थे, जो अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। मस्क क्या इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे? यह वक्त ही बताएगा।

ट्रम्प से रिश्तों में आई दरार

गौरतलब है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मस्क ने ट्रम्प को 2500 करोड़ रुपए का चंदा दिया था। लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में दरार आ गई। मस्क अब ट्रम्प के ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ (Big Beautiful Bill) के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं।
यह बदलाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी स्तर पर भी अमेरिकी समाज में हलचल पैदा कर रहा है।

पार्टी में कौन-कौन?

चर्चा है कि टेस्ला के सीएफओ (Chief Financial Officer) वैभव तनेजा को पार्टी का कोषाध्यक्ष (Treasurer) बनाया जा सकता है। हालांकि, मस्क ने इसकी पुष्टि नहीं की है। साथ ही, निक्की हेली और विवेक रामास्वामी जैसे चर्चित नामों के भी पार्टी से जुड़ने की अटकलें हैं। अगर ऐसा होता है, तो ‘द अमेरिका पार्टी’ अमेरिकी राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकती है।

राजनीतिक समीकरण क्या कहते हैं?

अभी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के पास 219, डेमोक्रेट्स के पास 212 सीटें हैं, जबकि 4 सीटें खाली हैं। सीनेट में रिपब्लिकन 53 और डेमोक्रेट्स 47 सीटों पर काबिज हैं। ऐसे में अगर मस्क की पार्टी 8-10 प्रतिनिधि और 3-4 सीनेटर भेजने में सफल हो जाती है, तो सत्ता का गणित पूरी तरह बदल सकता है।

इलॉन मस्क का यह कदम केवल एक अरबपति की सनक नहीं, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र में बदलाव की गूंज है। क्या ‘द अमेरिका पार्टी’ अमेरिकी राजनीति में तीसरी ताकत बन पाएगी? क्या जनता दो पार्टी सिस्टम से आज़ादी चाहती है?
इन सवालों का जवाब आने वाले चुनावों में मिलेगा। लेकिन इतना तय है – इलॉन मस्क ने अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया महसूस करेगी।

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया