Breaking
Nagaur's son martyred in Iran-Israel warMetro coming soon in Prayagraj: Fast and comfortable travel, 44 km network with 39 stationsGood News: Bhagat Ki Kothi–Jammu Tawi Express to Resume Full Route from April 1, Ticket Booking Openझालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!SBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरBishnoi Engineers Second Meetमुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाईDaylight Terror in Jodhpur's Pratap NagarNagaur's son martyred in Iran-Israel warMetro coming soon in Prayagraj: Fast and comfortable travel, 44 km network with 39 stationsGood News: Bhagat Ki Kothi–Jammu Tawi Express to Resume Full Route from April 1, Ticket Booking Openझालावाड़ स्कूल त्रासदी: 200 करोड़ का बजट – लेकिन 7 मौत रोक नहीं पाएडोली गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह – 5 घंटे हाईवे जाम, सिस्टम फेल!SBI FD Rates Hike: एसबीआई खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से लागू हुई नई ब्याज दरमॉडल Angel का Dark Side: जब प्यार बना जुनून, तब तिहाड़ बना घरBishnoi Engineers Second Meetमुसलमान कोरोना फैलाते हैं: 5 साल बाद खुला सच, अब मिली सफाईDaylight Terror in Jodhpur's Pratap Nagar
Politics·JambhSar Media·

जयपुर-नागौर में मचा हड़कंप: हनुमान बेनीवाल को सरकार ने दिया झटका

जयपुर-नागौर में मचा हड़कंप: हनुमान बेनीवाल को सरकार ने दिया झटका
जयपुर-नागौर में मचा हड़कंप: हनुमान बेनीवाल को सरकार ने दिया झटका

जयपुर-नागौर में मचा हड़कंप:- राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक के बाद एक घटनाएं सुर्खियों में हैं। नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के नागौर स्थित आवास का बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद उनके छोटे भाई और पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल को जयपुर स्थित विधायक आवास खाली करने का नोटिस थमा दिया गया। यही नहीं, उसी सरकारी आवास में चल रहे RLP के दफ्तर को भी अब हटाना होगा।

11 लाख से ज्यादा का बकाया, बिजली विभाग की सख्ती:

नागौर शहर के बीचोंबीच स्थित हनुमान बेनीवाल के घर का बिजली कनेक्शन 2 जुलाई 2025 को काट दिया गया। अजमेर विद्युत वितरण निगम (AVVNL) के अधिकारियों के मुताबिक, इस मकान पर जून 2025 तक 11 लाख 61 हजार 545 रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया था। विभाग ने छह बार नोटिस भेजे, मीटर बदलवाने के निर्देश दिए, सैटलमेंट के ऑफर भी दिए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आखिरकार, नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कनेक्शन काटना पड़ा।

यह मकान हनुमान बेनीवाल के बड़े भाई प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि इसी मकान में RLP का दफ्तर भी चलता है, जो अब अंधेरे में डूबा हुआ है। बिजली विभाग का कहना है कि जब तक पूरा बकाया जमा नहीं होता, कनेक्शन बहाल नहीं किया जाएगा।

विधायक आवास खाली करने का नोटिस, दफ्तर भी हटेगा:

बिजली कनेक्शन कटने के तुरंत बाद जयपुर से एक और खबर आई—पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल को विधायक आवास खाली करने का नोटिस मिल गया। विधानसभा सचिवालय के नियमों के अनुसार, विधायक न रहने पर सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में खास बात यह है कि उसी आवास में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कार्यालय भी संचालित हो रहा था, जिसे अब हटाना पड़ेगा।

इस खबर के बाद RLP कार्यकर्ताओं में मायूसी है, क्योंकि पार्टी की बैठकों और रणनीति का केंद्र यही आवास था। अब पार्टी को नया ठिकाना तलाशना होगा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नागौर स्थित इस मकान में अब कोई नहीं रहता। हनुमान बेनीवाल का परिवार और भाई जयपुर में रहते हैं। बिजली विभाग की नोटिस मिलने के बाद वहां से सभी लोग चले गए थे। इसके बावजूद, इस कार्रवाई ने राजनीतिक रंग ले लिया है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल:

इन दोनों घटनाओं ने राजस्थान की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्ष इसे सरकार की सख्ती बता रहा है, तो समर्थक इसे नियमों की जीत मान रहे हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी बयान दिया कि “जनप्रतिनिधि हों या आम नागरिक, सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी जरूरी है”।

राजनीति या प्रशासनिक सख्ती?

यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह महज प्रशासनिक कार्रवाई है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छुपा है? हनुमान बेनीवाल खुद हमेशा सरकार की नीतियों पर मुखर रहे हैं। ऐसे में उनके आवास पर हुई कार्रवाई को लेकर समर्थक और विरोधी दोनों अपनी-अपनी व्याख्या कर रहे हैं।

जनता की नजर में क्या है संदेश?

इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि कानून और नियम सभी के लिए बराबर हैं या नहीं। आम जनता के लिए यह संदेश भी है कि बड़े से बड़े नेता भी अगर नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, यह भी साफ है कि सत्ता और विपक्ष के बीच के रिश्ते कितने नाजुक और संवेदनशील होते हैं।

हनुमान बेनीवाल जैसे नेता के घर की बिजली कटना और विधायक आवास खाली कराने की कार्रवाई सिर्फ एक प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जवाबदेही (Accountability) का उदाहरण भी है। यह घटनाएं बताती हैं कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और नियमों का पालन कितना जरूरी है—चाहे वह कोई भी हो।

इन घटनाओं के बाद नागौर और जयपुर दोनों जगहों पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि RLP इस चुनौती से कैसे निपटती है और क्या यह घटनाएं राज्य की राजनीति में कोई नया मोड़ लाएंगी।

Share this article

Related Articles